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इंडस्ट्रियल कोरिडोर

Brief about the Scheme

दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर (डीएमआईसी) प्रोजेक्‍ट को 2007 में केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था। बाद में, बाद में परियोजना के संस्‍थानिक और वित्‍तीय संरचना को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था जिसे सितंबर, 2011 में शुरू किया गया। इसके अतिरिक्‍त, मौजूदा डीएमआईसी प्रोजेक्‍ट के दायरे के विस्‍तार के लिए 07/12/2016 को इस विभाग के अंतर्गत एनआईसीडीआईटी (नेशनल कोरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्‍पलीमेंटेशन ट्रस्‍ट) को अनुमोदित किया था। (अन्‍य औद्योगिक गलियों के संबंध में ब्‍यौरे अनुलग्‍नक-III में दिया गया है।)

दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियलकोरिडोर (डीएमआईसी) प्रोजेक्ट विश्व श्रेणी अवसंरचना सृजन और कम लॉजिस्टिक लागतों द्वारा विनिर्माण में भारत की प्रतिस्‍पर्धा महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। परियोजना का उद्देश्य एक सक्षम नीतिगत ढांचे में लॉजिस्टिक लागतों को कम करने के लिए पश्चिमी समर्पित माल यातायात गलियारे द्वारा उपलब्ध उच्च गति, उच्च क्षमता संपर्कत्ता आधार का दोहन कर स्मार्ट, स्थायी औद्योगिक शहरों का निर्माण हैं। ये नए शहर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में होंगे। यह सर्वप्रथम है कि भविष्य के शहरों के निर्माण के लिए डिजीटल प्लानिंग और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधार के साथ जियोग्राफिकल प्लानिंग को एकीकृत किया गया है। संक्षेप में, शहरीकरण की प्रक्रिया में आगे बढ़ने में भारत को सक्षम बनाने हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है।

राज्य सरकारों और संबंधित केन्द्र सरकार के मंत्रालयों सहित साझेदारों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद डीएमआईसी के लिए भावी योजना में छः राज्यों में फैले 24 निवेश नोड (11 निवेश क्षेत्रों (आईआर) और 13 औद्योगिक क्षेत्रों (आईए)) की पहचान की गई है। संबंधित राज्य सरकार(रों) की सिफारिश पर 24 निवेश नोड में से, डीएमआईसी परियोजना के प्रथम चरण में विकास के लिए निम्न 8 औद्योगिक शहरों में कार्य शुरु किया गया है। यह पहली बार है कि भारत प्रमुख आर्थिक उत्प्रेरकों के रूप में विनिर्माण सहित नियोजित शहरीकरण की प्रक्रिया में शामिल हैः
 

नोड का नाम राज्य क्षेत्र

(वर्ग किमी. में)

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र उत्तर प्रदेश 210
मानेसर-बावल निवेश क्षेत्र हरियाणा 402
खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा निवेश क्षेत्र राजस्थान 160
पीथमपुर-धार-महो निवेश क्षेत्र मध्य प्रदेश 372
अहमदाबाद-धोलेरा निवेश क्षेत्र गुजरात 920
शेंद्रेबिडकिन निवेश क्षेत्र महाराष्ट्र 84
दीघीपोर्टइंडस्ट्रियल क्षेत्र महाराष्ट्र 253
जोधपुर पाली मारवाड़ निवेश क्षेत्र राजस्थान 155

विस्तृत समीक्षा :

  1. योजना के उद्देश्यः विश्व श्रेणी अवसंरचना के सृजन और कमतर लॉजिस्टिक्स लागतों द्वारा विनिर्माण में भारत की प्रतियोगित्‍मकता को बढ़ाना।

  2. कार्यक्षेत्र एवं पात्रताः डीएमआईसी परियोजना छः विभिन्न राज्यों यथा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को शामिल करती है।

  3. पिछले 5 वर्षों में बजट उपलब्धता/उपयोगिता -अनुलग्नक-I” पर संलग्न है।

  4. लक्ष्यों की तुलना में वास्तविक प्रगति विस्तृत स्थिति “अनुलग्नक-II” पर प्रस्तुत है।

  5. बुलेटप्रारूप में मुख्य विशेषताएः

    1. डीएमआईसीप्रोजेक्ट के मामले में, निम्न चार स्थानों पर निर्माण गतिविधियां शुरु की गई हैः

      • 22.5 sq. kms गुजरात में धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट क्षेत्र के लिए सक्रियण क्षेत्र माप 22.5 वर्ग किमी;
      • महाराष्ट्र में शेंद्रेबिडकिन इंडस्ट्रियल क्षेत्र का चरण-1 माप 18.55 वर्ग किमी;
      • ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में इंटीग्रेटिड इंडस्ट्रियल टाऊनशिप प्रोजेक्ट माप 747.5 एकड़;
      • उज्जैन, मध्य प्रदेश में इंटीग्रेटिड इंडस्ट्रियल टाऊनशिप प्रोजेक्ट माप 1100 एकड़.
    2. उपरोक्त उल्लिखित स्थानों पर भूमि आबंटन नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है और कुल 66 प्लाट आबंटित कर दिए गए हैं।

    3. उपरोक्त उल्लिखित परियोजनाओं के अतिरिक्त निम्न परियोजनाओं में भी परियोजना गतिवियां भी शुरु की गई हैः

    • हरियाणा में गुड़गांव से बावल तक और अहमदाबाद से धोलेरा तक मास रैपिडट्रांजिटसिस्टमप्रोजेक्ट
    • हरियाणा के नांगल चौधरी में इंटीग्रेटिड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट;
    • दादरी, उत्तर प्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब;
    • गुजरात के साणंद में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क
    • गुजरात के धोलेरा में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट;
    • राजस्थान में एरोट्रोपोलिसप्रोजेक्ट;
  • क्रियान्वयन एजेंसीः दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर डेवलपमेंट कोरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआईसीडीसी) क्रिन्‍यावयन एजेंसी है जो सभी औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं की विभिन्न परियोजना विकासात्मक गतिविधियां करने के संबंध में एनआईसीडीआईटी के लिए नॉलिज पार्टनर के रूप में कार्य करता है।

  • निगरानी और समीक्षा तंत्रः

    नेशनल इंडस्ट्रियल कोरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्पलीमेंशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी)

    1. डीएमआईसी सहित सभी औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं के समन्वित और एकीकृत विकास के लिए, भारत सरकार ने 7 दिसंबर, 2016 को मौजूदा डीएमआईसी-प्रोजेक्टइम्लीमेंशन ट्रस्ट फंड के दायरे के विस्तार को अनुमोदन दिया और इसे नेशनल इंडस्ट्रियलकोरिडोरडेवलपमेंट एंड इम्पलीमेंशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के रूप में पुनःनामित किया। तदनुसार, एनआईसीडीआईटीसभी औद्योगिक गलियारों, जो विकास एवं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, उनके समन्वित और एकीकृत विकास के लिए डीपीआईआईटी के प्रशासनिक नियंत्रण में है। सभी औद्योगिक गलियारे यथा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियलकोरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियलकोरिडोर, बेंगलूरू-मुंबई इंडस्ट्रियलकोरिडोर, चेन्नई-बेंगलूरूइंडस्ट्रियलकोरिडोर, विज़ाग चेन्नई इंडस्ट्रियलकोरिडोर और भावी अन्य कोरिडोरएनआईसीडीआईटी के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेंगे।
    2. एनआईसीडीआईटी की गतिविधियों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक शीर्ष निगरानी प्राधिकरण का गठन किय़ा गया है। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय मंत्री, रेल मंत्री, सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्री, जहाजरानी मंत्री, नीति‍ आयोग के उपाध्यक्ष और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री सदस्य के रूप में होंगे।
    3. औद्यगिक गलियारों में प्रत्येक औद्योगिक शहर/नोड एनआईसीडीआईटी (पूर्ववर्ती डीएमआईसी ट्रस्ट) के लिए अनुमोदित तरीके में एनआईसीडीआईटी द्वारा भारत सरकार के प्रतिनिधित्व और संबंधित राज्य सरकार के बीच एक संयुक्त उपक्रम के रूप में कंपनी अधिनियम के अंतर्गत गठित कंपनी के रूप में विशेष प्रयोजन योजना (एसपीवी) द्वारा क्रियान्वयन पर विचार करता है। संबंधित एसपीवी के निदेशक मंडल की अध्यक्षता संबंधित राज्य सरकार(रों) के प्रधान सचिव (उद्योग)/अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग विभाग) द्वारा की जाएगी।
    4. डीएमआईसीप्रोजेक्ट की प्रगति नियमित आधार पर डीपीआईआईटी द्वारा की जा रही है और डीपीआईआईटी में भी प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप के भाग के रूप में भी इसकी नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।
  • धोलेरा, गुजरात के लिए सड़क और सेवाएं तथा प्रशासनिक भवन


    7 सितंबर, 2019 को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी को राष्‍ट्र को समर्पित करना

    शेन्‍द्रा, महाराष्‍ट्र के लिए सड़क और सेवाएं तथा एयूआरआईसीहॉल


    इंटीग्रेटिड इंडस्ट्रियल टाऊनशिप, ग्रेटर नोएडा, उत्‍तर प्रदेश के लिए लिए सड़क और सेवाएं

    इंटीग्रेटिडइंडस्ट्रियलटाऊनशिप, विक्रम उद्योगपुरी,मध्‍य प्रदेश के लिए सड़कें और सेवाएं


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